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khud ko khojne ka safar

Tuesday, November 23, 2010

तेरे साथ का वादा












तुम बिन जीवन मे
 एक अजीब सी कमी है .
जैसे खुशबू ही न हो जीवन मे  ,
भले ही वो फूल सी खिली है .
तुम जो साथ होते हो ,
अजब चमत्कार होता है .
मंजिल तक जाकर लगता है ऐसा,
जैसे मै नहीं मंजिल मेरे पास तक चली है .
रास्ता पता है तो भी क्या ,
तुम साथ आओगे  इसलिए रुकी हूँ  .
तुम साथ होकर भी साथ हो या न हो ?
बस ये प्रश्न पर मै उम्र भर ढगी हूँ .
उगते हुए सूरज का नर्म उजाला ,
आकर्षित करता है तो क्या .
सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो ,
मै अंधेरो मै ही भली हूँ.

26 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर कवीता, कितनी बड़ी बात की सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो मैं अँधेरे में भली हूँ बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति वो इक गीत है न ,तेरे बिना जिन्दगी भी , लेकिन जिन्दगी नहीं वाली बात है यूँ ही लिखते रहिये

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  2. बहुत सुंदर कविता

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  3. आदरणीय मंजुला जी
    नमस्कार !
    आकर्षित करता है तो क्या .
    सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो ,
    मै अंधेरो मै ही भली हूँ.
    प्र अच्छी कविता .....अंतिम पंक्तियाँ तो बहुत ही अच्छी लगीं.

    ............,हार्दिक शुभकामनाएं हैं …
    संजय भास्कर

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  4. ... bahut sundar ... behatreen ... badhaai !!!

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  5. उगते हुए सूरज का नर्म उजाला ,
    आकर्षित करता है तो क्या .
    सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो ,
    मै अंधेरो मै ही भली हूँ.

    vah kya baat hai

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  6. owner of naya savera & mere bhav ,kunwar kusumesh jee bahut bahut sukriya

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  7. bahut hi sundar rachna hai manjula ji.....
    aisi rachnayein ekdum dil tak pahunchti hain....

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  8. सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो ,
    मै अंधेरो मै ही भली हूँ

    दिल से निकली पंक्तियाँ ...अच्छी प्रस्तुति

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  9. सुन्दर कविता है मंजुला जी.

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  10. shekhar,sangitajee,vandanajee bahut bahut dhanyawad aapka...

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  11. विरह और मिलन का अच्छा चित्रण। किसी शायर ने कहा भी है कि तेरे होते हुये आजाती थी सारी दुनियां -आज तन्हा हूं तो कोई नहीं आने वाला

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  12. बहुत प्यारी भावनाएं... सुन्दर रचना...

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  13. shrivastavajee,pooja ..bahut bahut dhanyawaad

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  14. आपकी कविता पढ़कर मन अभिभूत हो गया ,

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  15. उगते हुए सूरज का नर्म उजाला ,
    आकर्षित करता है तो क्या .
    सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो ,
    मै अंधेरो मै ही भली हूँ.
    अच्छी सुंदर भावपूर्ण रचना

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  16. सुन्दर भावपूर्ण कविता है मंजुला जी

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  17. mridilajee rachnajee bahut bahut sukriya mera hausala badane ke liye..........

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  18. निराशा कैसी भी हो कहीं न कहीं रौशनी नज़र आती है, बस समझने की बात भर है ! शुभकामनायें !

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  19. भविष्य में पढने के लिए आज से आपको फालो कर रहा हूँ !
    फालोवर विजेट्स को ब्लॉग के नीचे न लगा कर कृपया ऊपर लगायें !

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  20. सिर्फ तेरे साथ का वादा हो तो ,मै अंधेरो मै ही भली हूँ..अच्छी कविता है, बहुत ही भावपूर्ण।

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  21. Jaikhishnajee,satishjee,sharadjee bahut bahut dhanyawaad. Aapki advice manli satishjee.

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